लद्दाख : केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में भारतीय सेना के जवानों के साथ एक बड़ा हादसा हुआ है। सेना के जवान लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में नदी पार करने का टैंक अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान अचानक से नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते सेना के पांच जवान नदी में बह गए और उनकी जान चली गई। सभी जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। भारतीय सेना के जवानों के साथ ये हादसा चीन के साथ लगने वाली सीमा यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुआ है. दौलत बेग ओल्डी कारकोरम रेंज में स्थित है, जहां सेना का बेस मौजूद है।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने बताया है कि लद्दाख में एलएसी के पास अचानक आई बाढ़ में सेना के पांच जवान बह गए हैं। सेना का टैंक नदी के एक गहरे हिस्से को पार कर रहा था, तभी वह वहां पर फंस गया। इस दौरान अचानक बढ़े जलस्तर के चलते उसमें पानी भर गया, जिससे जवान बह गए और उनकी मौत हो गई। यहां ये बात स्पष्ट करना जरूरी है कि घटनास्थल पर कोई झड़प नहीं हुई है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, “लद्दाख में एक नदी के पार टैंक ले जाते समय एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हमारे पांच बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने पर गहरा दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।”
रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि हादसे के समय टैंक में सेना के पांच जवान मौजूद थे। इसमें एक जेसीओ और चार जवान शामिल हैं। सभी 5 जवान शहीद हो गए। सभी के शवों को खोज निकाला गया है। दौलत बेग ओल्डी में हादसे का शिकार हुआ टैंक भारतीय सेना का टी-72 टैंक था। भारत के पास 2400 टी-72 टैंक हैं। भारतीय सेना इन टैंकों का इस्तेमाल लंबे समय से कर रही है। हादसे के समय वहां पर कई और भी टैंक मौजूद थे।
लद्दाख में ये हादसा ऐसे समय पर हुआ है, जब पिछले महीने ही सेना ने दौलत बेग ओल्डी में टैंक रिपेयर फैसिलिटी बनाई। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगने वाली सीमा के करीब सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए दो टैंक रिपेयर फैसिलिटी स्थापित की गई थीं। इसमें से एक दौलत बेग ओल्डी में तो दूसरा एक न्योमा में बनाया गया। 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थापित ये दुनिया का सबसे ऊंचाई वाली टैंक रिपेयर फैसिलटी है। सेना ने यहां पर करीब 500 टैंक तैनात किए हुए हैं।